आप इस ब्लॉग में आज क्या पड़ेंगे?
हैलो दोस्तों, स्वागत है आप सबका मेरे इस मैं ब्लॉग में। मैं इस ब्लॉग के जरिए आप सब को यह बताने की कोशिश करूंगा कि ऑपरेटिंग सिस्टम के क्या-क्या काम होते हैं आप सब को यह तो पता होगा ही की ऑपरेटिंग सिस्टम क्या होता है? जब हम कंप्यूटर को संदेश देते हैं तो यह कंप्यूटर की भाषा में इसको बदलकर कंप्यूटर के प्रोसेसर तक पहुंचाता है और प्राप्त परिणामों को वापस संदेशों के रुप में मॉनिटर स्क्रीन या प्रिंटर या अन्य आउटपुट युक्तियों (Output Devices) पर दे देता है।
ऑपरेटिंग सिस्टम के कार्य (Functions of Operating System)
ऑपरेटिंग सिस्टम के प्रमुख कार्य निम्नलिखित हैं :
- प्रोग्राम एक्जीक्यूशन (Program Execution)- ऑपरेटिंग सिस्टम यूज़र के प्रोग्राम या सिस्टम प्रोग्राम या किसी भी एप्लीकेशन प्रोग्राम की मेन मेमोरी (Main Memory) में लोड (Load) करने तथा उसे एक्जिक्यूट करने का कार्य करता है। ऑपरेटिंग सिस्टम एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम को मेमोरी के विभिन्न हिस्सों में लोड (Load) कर उन्हें बारी-बारी से या एक साथ एक्जिक्यूट करता है। मेन मेमोरी (Main Memory) में एक साथ एक से अधिक प्रोग्राम को लोड (Load) करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा मेन मेमोरी की स्टैटिक पार्टिशनिंग (Static Partitioning) अथवा डायनामिक पार्टिशनिंग (Dynamic Partitioning) की जाती है तथा इसके पश्चात् गेम मेमोरी के भिन्न पार्टिशन (Partion) अर्थात् सेगमेंट (Segment) में भिन्न प्रोग्राम को लोड किया जाता है। मेमोरी के विभिन्न पार्टिशन (Partition) में लोड किए गए प्रोग्राम को एक्जिक्यूट (Execute) करने के लिए प्रत्येक ऑपरेटिंग सिस्टम की अपनी-अपनी शिड्यूलिंग नीति (Sheduling Policy) होती है। कुछ ऑपरेटिंग इनपुट/आउटपुट ऑपरेशंस सिस्टम, मेमोरी में सबसे पहले लोड किए प्रोग्राम को सबसे पहले तथा सबसे अन्त में लोड किए गए प्रोग्राम को सबसे अंत में एक्जिक्यूट करते हैं। अर्थात् फर्स्ट इन फर्स्ट आउट (First-in First-out-FIFO) शिड्यूलिंग नीति के तहत कार्य करते हैं, तो कुछ ऑपरेटिंग सिस्टम मेमोरी में लोड किए गए प्रोग्रामों अर्थात् टास्क्स (Tasks) अर्थात् जॉब्स (Jobs) को प्राथमिकता (Priority) के आधार पर एक्जिक्यूट करते हैं। ज्ञात हो कि शिड्यूलिंग नीति (Scheduling Policy) को ऑपरेटिंग सिस्टम के एक साख भाग शिड्यूलर (Scheduler) में क्रियान्वित किया जाता है।
- इनपुट/आउटपुट ऑपरेशंस (Input/Output Operations)- आपरेटिंग सिस्टम मेमोरी में एक्जिक्यूट कर प्रोग्रामों के लिए या यूज़र की रिक्वेस्ट (Request) पर इनपुट आउटपुट डिवाइसेस (Input / Output Devices) को एलोकेट (Allocate) करता है तथा वांछित इनपुट / आउटपुट ऑपरेशन (Input/Output Operations) को भी सम्पादित करता है।
- फाइल सिस्टम का मैनिपुलेशन (Manipulation of File System)- प्रत्येक ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा एक खास फाइल सिस्टम (File System) मेनटेन (Maintain) किया जाता है, जो स्थायी रूप से किसी सेकण्डरी स्टोरेज डिवाइस (Secondary Storage Device) पर संग्रहित रहता है। ऑपरेटिंग सिस्टम, फाइलों को स्टोर करने, उन्हें खोजने तथा रिट्रीव (Retrieve) करने के लिए उस फाइल सिस्टम (File system) को मैनिपुलेट (Manipulate) भी करता है।
- एरर डिटेक्शन (Error- Detection)-ऑपरेटिंग सिस्टम विभिन्न प्रकार के एरर्स (Errors); जैसे किसी डिवाइस (Device) में विद्युत की आपूर्ति न होने, नेटवर्क से कनेक्शन फेलयोर (Connection Failure) होने, प्रोग्राम के किसी स्टेटमेंट में अर्थमेटिक ओवरफ्लो (Arithmetic Overflow) होने, प्रोग्राम में इल्लीगल मेमोरी लोकेशन (Illegal Memory Location) का रेफरेन्स (Reference) देने, इत्यादि के कारण घटित होने वाले एरर को डिटेक्ट (Detect) करने तथा उसे हैंडल (Handle) करने के लिए भी उत्तरदायी होता है।
- रिसोर्स एलोकेशन (Resource Allocation)-ऑपरेटिंग सिस्टम CPU द्वारा एक्जिक्यूट किए जा रहे प्रोग्रामों को आवश्यकतानुसार विभिन्न रिसोर्सेस (Resources), जैसे, CPU, इनपुट / आउटपुट डिवाइस इत्यादि को एलोकेट (Allocate) करने के लिए भी उत्तरदायी होता है। यह आवश्यकतानुसार, रन अर्थात् एक्जिक्यूट (Run or Execute) कर रहे प्रोग्रामों को रिसोर्सेस (Resources) भी एलोकेट करता है।
- एकाउन्टिंग (Accounting)-ऑपरेटिंग सिस्टम इस इन्फॉर्मेशन की जानकारी रखने के लिए भी उत्तरदायी होता है कि कौन-कौन यूज़र कितने और किस प्रकार के कम्प्यूटर रिसोर्सेस (Computer Resources) का प्रयोग कर सकते हैं। ऑपरेटिंग सिस्टम इस बात की भी जानकारी रखता है कि किस यूज़र द्वारा कब और कितनी देर तक सिस्टम का उपयोग किया गया।
- प्रोटेक्शन (Protection) - ऑपरेटिंग सिस्टम डेटा एवम् प्रोग्रामों को मेमोरी में इस प्रकार लोड (Load) करता है या सेकण्डरी स्टोरेज डिवाइस पर इस प्रकार स्टोर (Store) करता है कि वे एक-दूसरे में हस्तक्षेप न करें। ऑपरेटिंग सिस्टम डेटा एवं प्रोग्रामों को दूसरे यूज़र द्वारा नष्ट (Destroy) करने से भी बचाता है।
- रिसोर्स मैनेजमेंट (Resource Mangaement)- इसके अन्तर्गत प्रोसेसर, मेमोरी तथा इनपुट आउटपुट डिवाइस का प्रबन्धन आता है।
- प्रोसेस मैनेजमेंट (Process Management)-इसके अन्तर्गत जॉब शिड्यूलिंग (Job Scheduling) तथा टास्क मैनेजमेंट (Task Management) आते हैं।
- डेटा मैनेजमेंट (Data Management)- मैनेजमेंट (input / Output Management) आते हैं।
- सिक्यूरिटी मैनेजमेंट (Security Management)- इसके अन्तर्गत एरर डिटेक्शन एवम् हँडलिंग (Error Detection) and Handling), प्रोटेक्शन (Protection) तथा एकाउन्टिंग (Accounting) आते हैं।
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